⛑️ Medical Emergency First Aid
आपात स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार
🚑 Medical Emergency Contacts
अपनी सुरक्षा देखें: पहले खुद सुरक्षित रहें। ट्रैफिक या आग का खतरा हो तो घायल को सुरक्षित जगह ले जाएं।
इमरजेंसी कॉल करें: तुरंत एम्बुलेंस कॉल करें और सही लोकेशन बताएं।
सांस और होश चेक करें: सांस ले रहा है या नहीं देखें। प्रतिक्रिया न हो तो तुरंत मदद शुरू करें।
ब्लीडिंग रोकें: साफ कपड़ा या बैंडेज से घाव पर दबाव डालें। ज्यादा खून हो तो भाग ऊपर रखें।
CPR दें: सांस न होने पर छाती के बीच 100–120 बार प्रति मिनट दबाव दें।
हड्डी टूटने पर: घायल को ज्यादा न हिलाएं। सिर, गर्दन और रीढ़ सीधी रखें।
शॉक में क्या करें: घायल को सीधा लिटाएं, ढक कर रखें, पानी/खाना न दें।
मदद आने तक साथ रहें: घायल को शांत रखें और हिम्मत देते रहें।
• बेहोश व्यक्ति को पानी न दें
• गर्दन/रीढ़ चोट में न उठाएं
• बिना जरूरत दवा न दें
1️⃣ शांत रखें: मरीज को panic न होने दें, धीरे-धीरे सांस लेने को कहें।
2️⃣ सही पोजीशन: मरीज को सीधा बैठाएं और थोड़ा आगे झुकाएं। लेटाना नहीं है।
3️⃣ Inhaler दें: Reliever inhaler (Salbutamol) 1–2 puff दें। जरूरत हो तो हर 1 मिनट में repeat करें (max 8–10 puff)।
4️⃣ Breathing control: नाक से धीरे सांस अंदर और मुंह से बाहर करने को कहें।
5️⃣ कपड़े ढीले करें: गले और छाती के आसपास tight कपड़े ढीले करें।
6️⃣ Nebulizer (अगर available): Doctor prescribed medicine से nebulizer दें।
7️⃣ Emergency कब call करें:
- Inhaler से राहत न मिले
- सांस बहुत तेज या रुक रही हो
- मरीज बोल नहीं पा रहा
- होंठ / चेहरा नीला
- बेहोशी
8️⃣ Help आने तक: हर कुछ मिनट में inhaler दें और मरीज को अकेला न छोड़ें।
• मरीज को लेटाएं नहीं
• जबरदस्ती पानी / खाना न दें
• panic न करें
• बिना prescription दवा न दें
1️⃣ लक्षण पहचानें:
छाती में दर्द, दबाव, सांस फूलना, ठंडा पसीना, हाथ/जबड़े में दर्द = heart attack संकेत
2️⃣ मरीज को बैठाएं:
सीधा बैठाकर शांत रखें। panic न होने दें। लेटाएं नहीं।
3️⃣ तुरंत ambulance call करें:
देरी न करें — हर मिनट कीमती है।
4️⃣ Aspirin दें (अगर allergy नहीं):
300mg aspirin चबाने को दें — clot बनने से रोकता है।
5️⃣ कपड़े ढीले करें:
गले और छाती के tight कपड़े ढीले करें।
6️⃣ CPR दें (अगर बेहोश):
सांस/पल्स न हो → छाती के बीच 100-120 दबाव प्रति मिनट।
7️⃣ GTN tablet:
अगर patient heart patient है और doctor ने दी है तो use कराएं।
• 5 मिनट से ज्यादा chest pain
• सांस नहीं आ रही
• बेहोशी
• ज्यादा पसीना + दर्द
• मरीज को अकेला न छोड़ें
• खुद गाड़ी चलाने न दें
• देरी न करें
• जबरदस्ती खाना/पानी न दें
🛑 Power OFF:
• सीधे व्यक्ति को न छुएँ
• मेन स्विच बंद करें
• लकड़ी/प्लास्टिक से अलग करें
🚨 Emergency:
• India Emergency: 112
• बेहोश / सांस न हो → तुरंत कॉल
❤️ Breathing Check:
• सांस नहीं → CPR दें
• सांस हो → करवट लिटाएँ
• कपड़े ढीले करें
🔥 Burn Care:
• 15-20 मिनट ठंडा पानी
• बर्फ / तेल न लगाएँ
• साफ कपड़ा ढकें
🧠 Shock Signs:
चक्कर, ठंडी त्वचा, तेज धड़कन, कमजोरी
🏥 Doctor Check:
दिल, नस और अंदरूनी जलन का खतरा हो सकता है
• बिजली चालू हो तो न छुएँ
• पानी तुरंत न डालें
• तेल/टूथपेस्ट न लगाएँ
• बेहोश को पानी न दें
🚨 Emergency Call:
• India Emergency: 112 • बेहोशी में तुरंत कॉल
• सांस समस्या हो तो देरी न करें
🧠 लक्षण पहचानें:
• उल्टी / जी मिचलाना • चक्कर
• मुंह से झाग • सांस लेने में दिक्कत
🥛 क्या करें:
• व्यक्ति को शांत रखें • मुंह साफ करवाएँ
• होश में है तो थोड़ा पानी दें
• जहर का पैकेट/बोतल साथ रखें
❌ उल्टी कब न कराएँ:
• एसिड या केमिकल पी लिया हो
• पेट्रोल / केरोसिन पिया हो
• व्यक्ति बेहोश हो या सांस समस्या हो
🫁 सांस चेक करें:
• सांस न हो → CPR दें
• कपड़े ढीले करें • हवा वाली जगह रखें
• मरीज को करवट में लिटाएँ
🏥 Hospital ले जाएँ:
• इलाज में देरी बिल्कुल न करें
• जहर का नाम या पैकेट डॉक्टर को दिखाएँ
• जबरदस्ती उल्टी न कराएँ
• दूध / नींबू बिना जानकारी न दें
• बेहोश व्यक्ति को कुछ न पिलाएँ
• घरेलू इलाज करने की कोशिश न करें
1️⃣ मरीज को शांत रखें:
घबराने से दिल तेजी से धड़कता है और जहर जल्दी फैलता है।
मरीज को बैठाएँ या लिटाएँ और भरोसा दिलाएँ कि इलाज संभव है।
2️⃣ हिलने न दें:
कम से कम हिलने दें।
काटे हुए हिस्से को दिल के स्तर से नीचे रखें।
3️⃣ टाइट चीजें हटाएँ:
अंगूठी, कड़ा, घड़ी, जूते या टाइट कपड़े हटा दें।
सूजन आने पर ये खतरनाक हो सकते हैं।
4️⃣ घाव साफ रखें:
पानी से हल्का साफ करें लेकिन जोर से न धोएँ।
कोई केमिकल या दवा न लगाएँ।
5️⃣ तुरंत अस्पताल जाएँ:
Anti-venom सिर्फ अस्पताल में मिलता है।
जल्दी इलाज = ज्यादा बचाव।
दर्द • सूजन • उल्टी • चक्कर • सांस दिक्कत • धुंधला दिखना • बेहोशी
जहर चूसना • घाव काटना • बर्फ/केमिकल लगाना • बहुत टाइट रस्सी बाँधना • झाड़-फूँक में समय
1️⃣ तुरंत ठंडा करें:
जले हुए हिस्से को 15–20 मिनट तक ठंडे पानी के नीचे रखें।
इससे दर्द और जलन कम होती है।
2️⃣ टाइट चीजें हटाएँ:
अंगूठी, घड़ी, कपड़े या जूते हटा दें।
सूजन आने पर ये फंस सकते हैं।
3️⃣ साफ कपड़े से ढकें:
साफ सूती कपड़ा या sterile gauze से हल्का ढक दें।
इससे इन्फेक्शन से बचाव होता है।
4️⃣ छाले न फोड़ें:
ब्लिस्टर (छाले) को न फोड़ें।
फोड़ने से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
5️⃣ डॉक्टर के पास जाएँ:
अगर जलन ज्यादा है, चेहरा/हाथ/गुप्त अंग जले हों या
बच्चा/बुजुर्ग हो तो तुरंत अस्पताल जाएँ।
त्वचा काली या सफेद होना • बड़ा हिस्सा जलना • सांस में दिक्कत • बिजली/केमिकल से जलना • तेज दर्द या बेहोशी
बर्फ सीधे न लगाएँ • टूथपेस्ट/घी/तेल/हल्दी न लगाएँ • गंदे कपड़े से न ढकें • छाले न फोड़ें • केमिकल जलन पर बिना पानी धोए कुछ न लगाएँ
