⛑️ Medical Emergency First Aid

आपात स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार

🚑 Medical Emergency Contacts

🚨 National Emergency 112
🚑 Ambulance 102 / 108
👮 Police 100
🔥 Fire Brigade 101
🩸 Blood Helpline 104
Emergency में 112 कॉल करें और location साफ बताएं
🚑 Accident First Aid Guide
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अपनी सुरक्षा देखें: पहले खुद सुरक्षित रहें। ट्रैफिक या आग का खतरा हो तो घायल को सुरक्षित जगह ले जाएं।

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इमरजेंसी कॉल करें: तुरंत एम्बुलेंस कॉल करें और सही लोकेशन बताएं।

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सांस और होश चेक करें: सांस ले रहा है या नहीं देखें। प्रतिक्रिया न हो तो तुरंत मदद शुरू करें।

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ब्लीडिंग रोकें: साफ कपड़ा या बैंडेज से घाव पर दबाव डालें। ज्यादा खून हो तो भाग ऊपर रखें।

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CPR दें: सांस न होने पर छाती के बीच 100–120 बार प्रति मिनट दबाव दें।

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हड्डी टूटने पर: घायल को ज्यादा न हिलाएं। सिर, गर्दन और रीढ़ सीधी रखें।

7

शॉक में क्या करें: घायल को सीधा लिटाएं, ढक कर रखें, पानी/खाना न दें।

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मदद आने तक साथ रहें: घायल को शांत रखें और हिम्मत देते रहें।

❌ क्या न करें:
• बेहोश व्यक्ति को पानी न दें
• गर्दन/रीढ़ चोट में न उठाएं
• बिना जरूरत दवा न दें
📞 Emergency Call: 108 | 112
🌬️ Asthma Attack Emergency Guide

1️⃣ शांत रखें: मरीज को panic न होने दें, धीरे-धीरे सांस लेने को कहें।

2️⃣ सही पोजीशन: मरीज को सीधा बैठाएं और थोड़ा आगे झुकाएं। लेटाना नहीं है।

3️⃣ Inhaler दें: Reliever inhaler (Salbutamol) 1–2 puff दें। जरूरत हो तो हर 1 मिनट में repeat करें (max 8–10 puff)।

4️⃣ Breathing control: नाक से धीरे सांस अंदर और मुंह से बाहर करने को कहें।

5️⃣ कपड़े ढीले करें: गले और छाती के आसपास tight कपड़े ढीले करें।

6️⃣ Nebulizer (अगर available): Doctor prescribed medicine से nebulizer दें।

7️⃣ Emergency कब call करें:

  • Inhaler से राहत न मिले
  • सांस बहुत तेज या रुक रही हो
  • मरीज बोल नहीं पा रहा
  • होंठ / चेहरा नीला
  • बेहोशी

8️⃣ Help आने तक: हर कुछ मिनट में inhaler दें और मरीज को अकेला न छोड़ें।

❌ क्या न करें:
• मरीज को लेटाएं नहीं
• जबरदस्ती पानी / खाना न दें
• panic न करें
• बिना prescription दवा न दें
🚑 Emergency Call Now

📞 Ambulance 108 📞 Emergency 112
❤️ Heart Attack First Aid Guide

1️⃣ लक्षण पहचानें:
छाती में दर्द, दबाव, सांस फूलना, ठंडा पसीना, हाथ/जबड़े में दर्द = heart attack संकेत

2️⃣ मरीज को बैठाएं:
सीधा बैठाकर शांत रखें। panic न होने दें। लेटाएं नहीं।

3️⃣ तुरंत ambulance call करें:
देरी न करें — हर मिनट कीमती है।

4️⃣ Aspirin दें (अगर allergy नहीं):
300mg aspirin चबाने को दें — clot बनने से रोकता है।

5️⃣ कपड़े ढीले करें:
गले और छाती के tight कपड़े ढीले करें।

6️⃣ CPR दें (अगर बेहोश):
सांस/पल्स न हो → छाती के बीच 100-120 दबाव प्रति मिनट।

7️⃣ GTN tablet:
अगर patient heart patient है और doctor ने दी है तो use कराएं।

🚨 तुरंत emergency बुलाएं अगर:
• 5 मिनट से ज्यादा chest pain
• सांस नहीं आ रही
• बेहोशी
• ज्यादा पसीना + दर्द
❌ क्या न करें:
• मरीज को अकेला न छोड़ें
• खुद गाड़ी चलाने न दें
• देरी न करें
• जबरदस्ती खाना/पानी न दें
⚡ Electric Shock First Aid

🛑 Power OFF:
• सीधे व्यक्ति को न छुएँ
• मेन स्विच बंद करें
• लकड़ी/प्लास्टिक से अलग करें


🚨 Emergency:
• India Emergency: 112
• बेहोश / सांस न हो → तुरंत कॉल


❤️ Breathing Check:
• सांस नहीं → CPR दें
• सांस हो → करवट लिटाएँ
• कपड़े ढीले करें


🔥 Burn Care:
• 15-20 मिनट ठंडा पानी
• बर्फ / तेल न लगाएँ
• साफ कपड़ा ढकें


🧠 Shock Signs:
चक्कर, ठंडी त्वचा, तेज धड़कन, कमजोरी


🏥 Doctor Check:
दिल, नस और अंदरूनी जलन का खतरा हो सकता है

⚠ Power OFF → Call 112 → Check Breathing → First Aid
❌ क्या न करें:
• बिजली चालू हो तो न छुएँ
• पानी तुरंत न डालें
• तेल/टूथपेस्ट न लगाएँ
• बेहोश को पानी न दें
Public Safety Awareness • Share to Save Life
☠ Poison First Aid Guide

🚨 Emergency Call:
• India Emergency: 112 • बेहोशी में तुरंत कॉल
• सांस समस्या हो तो देरी न करें


🧠 लक्षण पहचानें:
• उल्टी / जी मिचलाना • चक्कर
• मुंह से झाग • सांस लेने में दिक्कत


🥛 क्या करें:
• व्यक्ति को शांत रखें • मुंह साफ करवाएँ
• होश में है तो थोड़ा पानी दें
• जहर का पैकेट/बोतल साथ रखें


❌ उल्टी कब न कराएँ:
• एसिड या केमिकल पी लिया हो
• पेट्रोल / केरोसिन पिया हो
• व्यक्ति बेहोश हो या सांस समस्या हो


🫁 सांस चेक करें:
• सांस न हो → CPR दें
• कपड़े ढीले करें • हवा वाली जगह रखें
• मरीज को करवट में लिटाएँ


🏥 Hospital ले जाएँ:
• इलाज में देरी बिल्कुल न करें
• जहर का नाम या पैकेट डॉक्टर को दिखाएँ

⚠ GOLDEN RULE: Call 112 → Identify Poison → First Aid → Rush Hospital
❌ क्या न करें:
• जबरदस्ती उल्टी न कराएँ
• दूध / नींबू बिना जानकारी न दें
• बेहोश व्यक्ति को कुछ न पिलाएँ
• घरेलू इलाज करने की कोशिश न करें
Public Safety Awareness • Share to Save Life
🐍 Snake Bite First Aid

1️⃣ मरीज को शांत रखें:
घबराने से दिल तेजी से धड़कता है और जहर जल्दी फैलता है। मरीज को बैठाएँ या लिटाएँ और भरोसा दिलाएँ कि इलाज संभव है।


2️⃣ हिलने न दें:
कम से कम हिलने दें। काटे हुए हिस्से को दिल के स्तर से नीचे रखें।


3️⃣ टाइट चीजें हटाएँ:
अंगूठी, कड़ा, घड़ी, जूते या टाइट कपड़े हटा दें। सूजन आने पर ये खतरनाक हो सकते हैं।


4️⃣ घाव साफ रखें:
पानी से हल्का साफ करें लेकिन जोर से न धोएँ। कोई केमिकल या दवा न लगाएँ।


5️⃣ तुरंत अस्पताल जाएँ:
Anti-venom सिर्फ अस्पताल में मिलता है। जल्दी इलाज = ज्यादा बचाव।

⚠ संभावित लक्षण:
दर्द • सूजन • उल्टी • चक्कर • सांस दिक्कत • धुंधला दिखना • बेहोशी
❌ ये गलतियाँ न करें:
जहर चूसना • घाव काटना • बर्फ/केमिकल लगाना • बहुत टाइट रस्सी बाँधना • झाड़-फूँक में समय
🚑 Golden Rule: शांत रखें → हिलने न दें → 112 कॉल → तुरंत अस्पताल
Public Safety Awareness • Share to Save Life
🔥 Burn First Aid

1️⃣ तुरंत ठंडा करें:
जले हुए हिस्से को 15–20 मिनट तक ठंडे पानी के नीचे रखें। इससे दर्द और जलन कम होती है।


2️⃣ टाइट चीजें हटाएँ:
अंगूठी, घड़ी, कपड़े या जूते हटा दें। सूजन आने पर ये फंस सकते हैं।


3️⃣ साफ कपड़े से ढकें:
साफ सूती कपड़ा या sterile gauze से हल्का ढक दें। इससे इन्फेक्शन से बचाव होता है।


4️⃣ छाले न फोड़ें:
ब्लिस्टर (छाले) को न फोड़ें। फोड़ने से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।


5️⃣ डॉक्टर के पास जाएँ:
अगर जलन ज्यादा है, चेहरा/हाथ/गुप्त अंग जले हों या बच्चा/बुजुर्ग हो तो तुरंत अस्पताल जाएँ।

⚠ गंभीर जलने के संकेत:
त्वचा काली या सफेद होना • बड़ा हिस्सा जलना • सांस में दिक्कत • बिजली/केमिकल से जलना • तेज दर्द या बेहोशी
❌ ये गलतियाँ न करें:
बर्फ सीधे न लगाएँ • टूथपेस्ट/घी/तेल/हल्दी न लगाएँ • गंदे कपड़े से न ढकें • छाले न फोड़ें • केमिकल जलन पर बिना पानी धोए कुछ न लगाएँ
🚑 Golden Rule: 20 मिनट ठंडा पानी → ढकें → 112 कॉल → अस्पताल
Public Safety Awareness • Share to Save Life
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